After changing the president, the notes of the Labor Party changed, said- Kashmir the case of India and Pakistan; No UK role | अध्यक्ष बदलने के बाद बदले लेबर पार्टी के सुर, कहा- कश्मीर भारत और पाकिस्तान का मामला; ब्रिटेन की कोई भूमिका नहीं

  • हाल ही में जेरेमी कॉर्बिन की जगह केर स्टार्मर बनाए गए हैं अध्यक्ष
  • कश्मीर मामले में दखलअंदाजी करती है ब्रिटेन की लेबर पार्टी

दैनिक भास्कर

May 01, 2020, 01:16 AM IST

लंदन. लेबर पार्टी के अध्यक्ष बदलने के बाद उसके सुर भी बदल गए हैं। हाल ही में अध्यक्ष बने केर स्टार्मर ने कश्मीर पर अपनी पार्टी के स्टैंड को बदल दिया है। स्टार्मर ने कहा है कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच का मुद्दा है। इसमें ब्रिटेन की कोई भूमिका नहीं है। इससे पहले लेबर पार्टी के अध्यक्ष जेरेमी कार्बिन लगातार भारत पर कश्मीर में मानवाधिकार हनन का आरोप लगाते रहे हैं। हाल में हुए चुनावों में बोरिस जॉनसन से हारने के बाद पार्टी ने अध्यक्ष और कश्मीर पर स्टैंड दोनों बदल दिया है।  

लेबर पार्टी के मुखपत्र में दी जानकारी
स्टार्मर ने लेबर फ्रेंड्स ऑफ इंडिया (एलएफआईएन) की एग्जिक्यूटिव टीम से मीटिंग के बाद घोषणा की कि कश्मीर, भारत और पाकिस्तान के बीच का मामला है। ब्रिटेन का इसमें कोई रोल नहीं है और यही लेबर पार्टी का स्टैंड है। लेबर पार्टी के मुखपत्र लेबरलिस्ट में स्टार्मर ने लिखा, “हमें उप-महाद्वीप के मुद्दों की वजह से यहां के समुदायों को विभाजित करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।” भारत में कोई भी संवैधानिक मुद्दा भारतीय संसद का मामला है। कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच का मुद्दा है और इसे शांति से हल करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘लेबर पार्टी एक इंटरनेशनलिस्ट पार्टी है और हर जगह के मानवाधिकारों की रक्षा के लिए खड़ी है।’’
ब्रिटिश इंडियन कम्युनिटी से दोबारा से जुड़ने की कोशिश
लेबर पार्टी का कश्मीर पर नया स्टैंड ब्रिटिश इंडियन कम्युनिटी के साथ फिर जुड़ने की कोशिश है। एलएफआईएन ने जेरेमी कार्बिन के कार्यकाल में कश्मीर को लेकर कई बार चेताया था। पार्टी प्रचारकों ने भी चेतावनी दी थी कि कश्मीर मामले में कूदकर पार्टी ने भारतीय समुदाय को नाराज कर दिया है।

लेबर पार्टी कश्मीर पर आपातकालीन प्रस्ताव लाई थी
भारत की ओर से अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने के बाद लेबर पार्टी संसद में कश्मीर पर एक आपातकालीन प्रस्ताव लेकर आई थी। इस पर भारत विरोधी बयानबाजी की गई थी। लेबर पार्टी ने कश्मीर मामले पर भारत की आलोचना करते हुए प्रस्ताव पारित किया था और कहा था कि कश्मीर के लोगों को स्वयं फैसला लेने का अधिकार होना चाहिए। इस प्रस्ताव में इंटरनेशनल मॉनिटर को भी कश्मीर एरिया की निगरानी करने के लिए भी कहा गया था। एलएफआईएन ने भी इसकी निंदा की थी।

कार्बिन ने कश्मीर को लेकर ट्वीट भी किए थे
जेरेमी कॉर्बिन ने भी अगस्त 2019 में ट्वीट करते कहा था, ‘‘कश्मीर की स्थिति बहुत ही परेशान करने वाली है। मानवाधिकारों का हनन अस्वीकार्य है। कश्मीरी लोगों के अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों को लागू किया जाना चाहिए।’’

एलएफईएन ने लेबर पार्टी के नए कदम का स्वागत किया
लेबर फ्रेंड्स ऑफ इंडिया के सह अध्यक्ष और लंदन के डिप्टी मेयर राजेश अग्रवाल ने लेबर पार्टी के नए कदम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि हम इंडियन कम्युनिटी और लेबर पार्टी के बीच के संबंधों के फिर से मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह एक शानदार शुरुआत है। एलएफआईएन भारत और ब्रिटेन के बीच संबंध बढ़ाने के लिए काम करता रहेगा।

Source link

Leave a Comment

%d bloggers like this: