Air Force said- So far the order to evacuate Indian citizens from Gulf countries is not received, but we are fully prepared for it. | वायुसेना ने कहा- अब तक खाड़ी देशों से भारतीय नागरिकों को निकालने का आदेश नहीं मिला, लेकिन हम पूरी तरह तैयार

  • खाड़ी देशों में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में वहां रहने वाले भारतीयों ने वापस अपने देश लौटने की गुहार लगाई है
  •  6 खाड़ी देशों बहरीन, कुवैत, कतर, ओमान, सऊदी अरब और यूएई में 80 लाख से ज्यादा भारतीय कामगार रहते हैं

दैनिक भास्कर

May 04, 2020, 11:37 AM IST

नई दिल्ली. भारतीय वायुसेना ने कहा है कि खाड़ी देशों से भारतीय नागरिकों को लाने के लिए वह तैयार है। असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ ऑपरेशंस एयर वाइस मार्शल सूरत सिंह ने कहा कि अभी तक इन देशों से भारतीयों को लाने का आदेश नहीं मिला है। ऐसा होने पर हम उन्हें भारत वापस लाने का ऑपरेशन शुरू करने के लिए तैयार हैं। वायुसेना ने नेपाल में सामान की आपूर्ति की है। हम देश के अंदर और बाहर किसी भी हालत से निपटने के लिए तैयार हैं।
खाड़ी देशों में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में वहां रहने वाले भारतीयों ने देश लौटने की गुहार लगाई है। इनमें से कई लोगों ने सोशल मीडिया और ईमेल के जरिए भारतीय दूतावास से संपर्क किया था और भारत लौटने की इच्छा जाहिर की थी। केंद्र सरकार ने इन्हें मदद का भरोसा दिलाया है। इन देशों में रहने वाले करीब 2 हजार भारतीय संक्रमित मिले हैं।

नौसेना ने भी अपने 14 पोतों को तैयार रखा है

नौसेना ने भी इस अभियान के लिए अपने 14 पोतों को तैयार रखा है। ऑपरेशन में पश्चिमी नेवल कमांड के 4 जहाजों, पूर्वी नेवल कमांड के 4, दक्षिणी कमांड के 3 और अंडमान निकोबार कमांड के 3 पोत लगाए जाएंगे। ऑपरेशन शुरू करने का फैसला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और विदेश मंत्रालय के बीच अंतिम योजना पर सहमति बनने के बाद किया जाएगा। नौसेना लैडिंग प्लेटफॉर्म डॉक से लैस आईएनएस जलाश्व और मगर श्रेणी के जंगी जहाजों को इस अभियान में शामिल करेगी। इस दौरान संक्रमण नहीं फैले, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा। 

खाड़ी देशों में भारतीय मजदूरों की तादाद ज्यादा

जीसीसी या गल्फ को-ऑपरेशन काउंसिल के 6 देशों बहरीन, कुवैत, कतर, ओमान, सऊदी अरब और यूएई में 80 लाख से ज्यादा भारतीय कामगार रहते हैं। ये मजदूर ज्यादातर तेल की फैक्ट्रियों और निर्माण से जुड़े काम करते हैं। सूत्रों के मुताबिक, सरकार की प्राथमिकता उन लोगों को लाने की है, जिन्हें तुरंत राहत की जरूरत है। इनमें वह लोग शामिल हैं, जिनकी वीसा अवधि खत्म हो चुकी है। बुजुर्ग, बीमार हैं, गर्भवती महिलाओं और बच्चों और पाठ्यक्रम पूरे कर चुके छात्रों को भी स्वदेश लाना शामिल है। खाड़ी के इन देशों में भारतीय मिशनों से ऐसे नागरिकों का पंजीकरण करने को कहा जा रहा है, जिन्हें तुरंत देश लाना है।

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