Anupam Kher and Bittu paid tribute to Irrfan and Rishi in a special style, saying – we should celebrate their life | अनुपम खेर और बिट्टू खास अंदाज में इरफान और ऋषि को श्रद्धांजलि दी, बोले- हमें उनके जीवन का उत्सव मनाना चाहिए

दैनिक भास्कर

May 01, 2020, 04:02 PM IST

मुंबई. अनुपम खेर ने बिट्टू के साथ बातचीत के नए एपिसोड में इरफान खान और ऋषि कपूर को श्रद्धांजलि दी। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर शेयर किए इस वीडियो में इन दोनों ने किसी के जाने पर दुख मनाने की बजाए उसकी जिंदगी को सेलिब्रेट करने की बात कही। उन्होंने कहा कि इरफान और ऋषि दोनों बेहतरीन कलाकार होने के साथ ही बेहद शानदार शख्सियत भी थे। हमें उनके जाने का दुख मनाने की बजाए हमारे जीवन में दिए उनके योगदान को याद करते हुए उनके जीवन का उत्सव मनाना चाहिए।

इस वीडियो को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, ‘इरफान और ऋषि कपूर को श्रद्धांजलि: कभी-कभी ‘जीवन के दुख’ को केवल ‘जीवन के उत्सव’ के जरिए ही बदला जा सकता है। यहां बताया गया है बिट्टू और अनुपम किस तरह अपने प्यारे दोस्तों इरफान और चिंटूजी को याद करना चाहते हैं। साथ ही हमारे पूरे प्यार और कृतज्ञता के साथ ये उनके परिवारों के लिए भी है।’ #रणबीर #रिद्धिमा #नीतू #अयान #बाबिल #सुतापा #WhenBittuMeetsnnupam’

इस तरह हुई दोनों की आपस में बात

वीडियो में उदास बैठे अनुपम से बिट्टू कहता है, ‘सॉरी यार, तेरे दो अच्छे दोस्त और को-एक्टर्स और हम सबके चहेते इरफान खान और ऋषि कपूर एक के बाद एक छोड़कर चले गए।’ तब अनुपम कहते हैं, ‘हां मैंने इरफान खान के साथ ज्यादा काम तो नहीं किया और ना उससे ज्यादा मुलाकात हुई। लेकिन जब भी मुलाकात हुई अच्छा लगा। वो स्ट्रेट साफ बोलने वाला इंसान था। हाथ मिलाने से उसकी गर्मजेशी का एहसास होता था। लेकिन चिंटूजी के साथ तो मैंने बहुत काम किया है, बहुत वक्त भी गुजारा है। पिछले साल जब वो अमेरिका में अपना इलाज करा रहे थे। तब तो मैं उनके साथ बहुत घुल मिल गया था और उनके साथ बहुत वक्त गुजारा था।’

इसके बाद अनुपम बताते हैं कि, ‘मैं फिलहाल जिंदगी का नाजुक स्वभाव को महसूस कर रहा हूं। मृत्यु आपको किस तरह कई चीजें बिल्कुल अच्छे से समझा देती है। मैं महसूस कर रहा हूं कि जिंदगी कितनी छोटी भी हो सकती है, कितनी बड़ी भी हो सकती है। बहुत कुछ महसूस कर रहा हूं। कभी-कभी उसके बारे में बताया मुश्किल लगता है।’

एकबार फिर बिट्टू पूछता है, ‘डर लग रहा है?’ तो अनुपम कहते हैं, ‘हां लग रहा है। जब कोई चला जाता है, तो अचानक आपका ध्यान खुद पर चला जाता है। लगता है कि मैंने इतने साल जिंदगी के गुजार लिए, अब कितने साल हैं मेरे पास। और फिर अपने से छोटे इरफान को या अपने से बड़े भी ऋषि कपूर जी को जाता देखकर डर लगता है। यकीनन डर लगता है।’ इसके बाद ये दोनों अपने पिता की मौत पर खुद से किए गए वादे को याद करते हैं, जब उन्होंने उनकी मौत का दुख नहीं मनाने और उनके जीवन का उत्सव मनाने का फैसला किया था। और बिल्कुल इसी तरह ये इरफान और ऋषि के जाने का दुख मनाने की बजाए उनके जीवन का उत्सव मनाने की बात कहते हैं।

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