During the Oscar Award, irfan found that the operation of the acting guru has been done, the phone was asked as soon as the function was over. | ऑस्कर अवार्ड के बीच पता चला कि एक्टिंग गुरु का ऑपरेशन हुआ है, फंक्शन खत्म होते ही फोन कर पूछा हाल

  • वर्ष 1980 में रविंद्र रंगमंच पर इरफान को एक्टिंग सिखाने वाले डॉ. रवि चतुर्वेदी ने की यादें ताजा
  • चतुर्वेदी ने कहा- एक अनुशासित स्टूडेंट थे इरफान, चार साल तक उनके साथ रहकर एक्टिंग सीखी

विष्णु शर्मा

विष्णु शर्मा

Apr 29, 2020, 10:16 PM IST

जयपुर. जयपुर के रहने वाले बॉलीवुड एक्टर इरफान खान नहीं रहे। मुंबई के कोकिलाबेन हॉस्पिटल में बुधवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। 53 साल के इरफान कैंसर और आंतों के इन्फेक्शन से जूझ रहे थे। वे आंखों से अदाकारी के लिए जाने थे। जानकारी के अनुसार उन्होंने वर्ष 1980 में अपने अभिनय के करियर की शुरुआत जयपुर के रवींद्र मंच से की थी। यहां इरफान को देश के ख्यात रंगकर्मी और राजस्थान यूनिवर्सिटी में नाट्य विभाग के एचओडी रहे जवाहर नगर, जयपुर निवासी डॉ. रवि चतुर्वेदी से करीब चार साल तक एक्टिंग का ककहरा सीखने को मिला। भास्कर संवाददाता ने इरफान के निधन पर उनके एक्टिंग गुरु डॉ. रवि चतुर्वेदी से बातचीत की और जानें इरफान से जुड़ी यादों के अनछूए पहलू:

जयपुर में एक कार्यशाला के दौरान अपने एक्टिंग गुरु रहे डॉ. रवि चतुर्वेदी के साथ बॉलीवुड एक्टर इरफान खान

डॉ. रवि चतुर्वेदी खुद के देश के विख्यात एनएसडी में वर्ष 1978 बैच में रह चुके है। उन्होंने बताया कि वे वर्ष 1980 में एनएसडी से एक्टिंग की पढ़ाई कर जयपुर आए थे। तब सुभाषचौक जैसे इलाके से इरफान खान एक्टर बनने की चाहत लिए घर से बाहर निकला। वह वर्ष 1980 में उनके यहां एक्टिंग सीखने आने लगा। मेरे पास करीब 8-10 लड़के एक्टिंग सीख रहे थे। करीब चार साल इरफान ने उनके पास अनुशासित तरीके से एक्टिंग सीखीं। आखिरकार, एक्टिंग के जुनून व कड़ी मेहनत के दम पर इरफान का चयन नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में हुआ। जहां से उसने बॉलीवुड में कदम रखा।

जयपुर में रविंद्र मंच पर थियेटर में एक्टिंग के शुरुआती दौर में इरफान खान (नाटक के एक दृश्य में)

लॉस एंजिल्स में ऑस्कर अवार्ड मिलने के बाद फंक्शन खत्म होते ही जाने गुरु के हालचाल

डॉ. रवि चतुर्वेदी ने इरफान से जुड़ी यादें ताजा करते हुए हुए भावुक मन से कहा कि अभिनय के दम पर इरफान ने कई अवार्ड जीते। लेकिन सफलता कभी उनके सिर पर चढ़कर नहीं बोली। वह जब कभी जयपुर आता। उनसे मिलता। फोन पर भी बात करता। उनके संस्थान में एक्टिंग सीख रहे बच्चों से मुलाकात कर एक्टिंग की बारीकियां सिखाते। डा. रवि ने बताया कि एक बार जब मेरा ऑपरेशन हुआ।

जयपुर में रविंद्र रंगमंच पर डॉ. रवि चतुर्वेदी के निर्देशन में एक्टिंग सीख रहे अपने साथियों के साथ बॉलीवुड एक्टर इरफान खान

तब इरफान लॉस एंजिल्स में ऑस्कर अवार्ड ले रहे थे। फंक्शन खत्म होने के बाद इरफान को मेरे ऑपरेशन का पता चला तो तुरंत फोन किया और हालचाल जाना। वह हमेशा गुरु का सम्मान करता था। इरफान को जब 26 जनवरी 2012 को नेशनल अवार्ड मिला। तब भी इरफान भी एक्टिंग सिखाने वाले गुरुओं में मुझे श्रेय दिया। इसका हमेशा गर्व रहेगा। इरफान मेरा बहुत अच्छा छात्र था। उन्हें भूला पाना मुश्किल है।

इरफान मुंबई में लंबे समय से थे लेकिन वे अनुशासन की वजह से विवादों में नहीं आए

वरिष्ठ रंगगर्मी और नाट्य गुरु डॉ. रवि ने बताया कि इरफान मेरा बहुत अच्छा छात्र था। एक ऐसा छात्र था, जो कि अपने टीचर की अक्षरश: पालन करता था। उसने मेरी चीजें फॉलो की और हमेशा उसे क्रेडिट दी। उसमें कभी नाम मात्र का किसी तरह का घमंड नहीं आया कि वह बहुत बड़ा एक्टर हो गया है। या उसे नेशनल अवार्ड मिल गए है। मुंबई जैसी जगह पर खुद को पाक साफ रखना बहुत बड़ी बात होता है। लेकिन वह कभी विवादों में नहीं आया।

वर्ष 2016 में जयपुर बार एसोसिशन के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे बॉलीवुड एक्टर इरफान खान, उनके साथ मौजूद तत्कालीन बार महासचिव संदीप लुहाडिया

जयपुर बार एसोसिशन के प्रोग्राम में आमंत्रित करने गए घर गए थे, खड़े होकर पानी पीते देखकर बैठकर पीजिए

राजस्थान हाईकोर्ट में एडवोकेट संदीप लुहाडिया ने बताया कि वर्ष 2016 में जयपुर बार एसोसिएशन में राजेश महर्षि अध्यक्ष और वे महासचिव पद पर विजय हुए थे। तब बार के समारोह में वे लोग अपने मित्र एडवोकेट नजीर नकवी के जरिए इरफान खान के आमेर रोड स्थित घर पहुंचे। जहां वे पतंगबाजी करते हुए नजर आए। घर पर इरफान ने परिवार के लोगों से उनकी मुलाकात करवाई। एडवोकेट संदीप लुहाड़िया ने बताया कि वे खड़े होकर पानी पी रहे थे। तभी इरफान ने टोकते हुए कहा कि उनकी मां कहती है कि पानी खड़े होकर नहीं बल्कि बैठकर पानी चाहिए। इसलिए आप भी बैठकर पानी पीजिए। ताकि सेहत ठीक रहे। संदीप के मुताबिक इरफान एक अलग ही व्यक्तित्व थे। वे जमीन से जुड़े एक्टर थे।  

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