Two more major trials of hydroxychloroquine closed, experts said – except for this drug, one should think of a stronger treatment | अमेरिकी एजेंसी ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के दो बड़े ट्रायल बंद किए, एक्सपर्ट्स बोले- किसी दूसरी मजबूत दवा के बारे में सोचना चाहिए

  • स्टडी में लोगों की कमी और दवा बेअसर होने के कारण दोनों ट्रायल्स बंद किए गए
  • नेशनल हेल्थ इंस्टीट्यूट कर रही थी ट्रायल, ट्रम्प लगातार क्लोरक्वीन का प्रचार रहे
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कहा- वो हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन स्टडी को रोक रहा है

दैनिक भास्कर

Jun 22, 2020, 12:23 PM IST

कैटी थॉमस. अमेरिकी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ ने बताया है कि हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन को लेकर किए जा रहे दो क्लीनिकल ट्रायल्स रोक दिए गए हैं। इसके पीछे का कारण दवा का असरदार न होना और ट्रायल में लोगों की कमी को बताया जा रहा है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस ड्रग का कोरोनावायरस की दवा के तौर पर प्रचार कर रहे हैं। 

एक स्वतंत्र निरीक्षण बोर्ड ने पाया कि यह ड्रग अस्पताल में भर्ती मरीजों को फायदा पहुंचाता नजर नहीं आ रहा है। इसके बाद एजेंसी ने ट्रायल रोक दिए। इसी दिन एनआईएच ने कहा कि वे अपना दूसरा ट्रायल भी बंद कर रहे हैं, क्योंकि स्टडी में दो हजार लोगों शामिल करने का प्लान था, लेकिन 20 मरीज ही शामिल हुए। इन दोनों ट्रायल्स का बंद होना इस बात का सबूत है कि हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन कोरोनावायरस से लड़ने के वादे पर खरा नहीं उतरा। 

किसी और मददगार इलाज के बारे में सोचना चाहिए

  • वेंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर में इंफेक्शियस डिसीज के प्रोफेसर डॉक्टर विलियम शेफ्नर बताते हैं कि इस दवा ने काम नहीं किया। मुझे लगता है कि इस ड्रग को एक तरफ रखना चाहिए और दूसरे असरदार इलाजों के बारे में सोचना चाहिए।
  • ट्रम्प हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन को गेम चेंजर मानते हैं और कोरोनावायरस से बचने की उम्मीद में खुद भी सेवन करते हैं। ड्रग निर्माताओं ने भी फेडरल स्टॉकपाइल में लाखों डोज डोनेट किए हैं।
  • सोमवार को फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने अपने अस्पताल में भर्ती मरीजों को हाइड्रॉक्सीकोलोरोक्वीन और क्लोरोक्वीन देने की अनुमति को वापस ले लिया है। एजेंसी ने बताया कि ड्रग में असरदार होने की संभावनाएं नजर नहीं आ रही थीं और इसके कुछ जोखिम भी थे।

कोविड  19 के मरीजों में दिल की बीमारी हो सकती है

  • जब एनआईएच यह कह रही थी कि उन्होंने 500 मरीजों के ट्रायल में सुरक्षा को नहीं पहचाना था, तब दूसरों ने यह पाया कि हाइड्रॉक्सीकोलोरोक्वीन में जोखिम है। एफडीए ने एक चेतावनी जारी की है कि यह ड्रग गंभीर रूप से कोविड 19 के मरीजों में दिल की बीमारियों का कारण बन सकती है।
  • यह तय ट्रायल नेशनल हार्ट, लंग और ब्लड इंस्टीट्यूट चला रहा था। जब इस ट्रायल को रोका गया, तब इसमें 470 से ज्यादा मरीज एनरोल हुए थे। स्टडी के जरिए यह जानने की कोशिश हो रही थी कि क्या यह ड्रग अस्पताल में भर्ती मरीजों, इमरजेंसी रूम में गए हुए लोग और वे मरीज जिनकी अस्पताल में भर्ती होने वाले संभावित मरीजों को फायदा पहुंचाता है या नहीं। 

दूसरे ट्रायल में शामिल थे हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन और एजीथ्रोमायसिन

  • दूसरे ट्रायल में यह देखा जा रहा था कि क्या हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन और एजीथ्रोमायसिन को बीमारी की शुरुआत में साथ में देने पर मरीज को असपताल में भर्ती होने से बचाया जा सकता है। यह स्टडी एनआईएच की सहायक नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिसीज कर रही थी। एजेंसी ने अपने बयान में कहा कि इस रेंडम और प्लेस्बो कंट्रोल्ड ट्रायल के जरिए नॉलेज गेप को भरने की कोशिश की गई थी। 
  • एजेंसी ने कहा कि इसमें भी किसी तरह की सेफ्टी प्रॉब्लम्स नहीं मिली। उन्होंने पाया कि हाल में एफडीए की अनुमति वापस लेने वाला फैसला इन ड्रग्स की स्टडी में शामिल होने के लिए लोगों का उत्साह कम कर सकता है। इसके अलावा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के कई बड़े ट्रायल्स भी रोक दिए गए।

एक्सपर्ट्स ने माना हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन पर संदेह है

  • यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा में इंफेक्शियस डिसीज स्पेशलिस्ट डॉक्टर डेविड आर बॉलवेयर ने कहा कि कोई सरप्राइज की बात नहीं है। यह साफ हो रहा है कि यह ड्रग अस्पताल में भर्ती मरीजों पर असर नहीं करता है। इसके अलावा शुरुआती इलाज में कोई फायदा है या नहीं अभी तय यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की भूमिका में तेजी से संदेह बढ़ रहा है। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी बंद किए ट्रायल्स

  • बुधवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि वो एक बड़े हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन स्टडी को रोक रहा है, क्योंकि सबूत बताते हैं कि यह ड्रग अस्पताल में भर्ती मरीजों में मृत्युदर को कम नहीं कर रहा है। इसके बाद शुक्रवार को एक स्विस ड्रग निर्माता नोवार्टिस ने कहा कि वो अपना क्लीनिकल ट्रायल रोक रहा है, क्योंकि वो जरूरी मरीजों को रिक्रूट नहीं कर सकता है। 

अभी भी जारी हैं कई रिसर्च

  • कुछ शोधकर्ता अभी भी यह स्टडी कर रहे हैं कि क्या हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन का इस्तेमाल पहले बीमारी की शुरुआत या लोगों को वायरस से बचाने के लिए किया जा सकता था। इस महीने की शुरुआत में एक ट्रायल के बाद यह पाया गया कि किसी के संपर्क में आने के बाद हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन संक्रमण बचाने में असरदार नहीं था।

Source link

Leave a Comment

%d bloggers like this: